वो अडल्ट फिल्में जो रहीं सेंसर बोर्ड के निशाने पर

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photo credit- mtvindia.com

किसी भी फ़िल्म को  बैन करने को लेकर सेंसर बोर्ड की काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। कुछ फिल्में सामाजिक मुद्दों को लेकर विवादों में आ जाती हैं। समाज के नैतिक मूल्यों से इतर ये फिल्में सेंसर बोर्ड के लिए सिर दर्द बन जाती हैं। आइये नज़र डालते हैं कुछ ऐसी ही फिल्मों पर जो अपने कंटेंट को लेकर सेंसर बोर्ड की कैंची के सामने आईं-

कामसूत्र:– मीरा नायर द्वारा निर्देशित कामसूत्र आलोचकों की नजरों में शुरू से ही खटकती रही।सेंसर बोर्ड ने कहा कि फ़िल्म अपने कंटेंट को लेकर ज्यादा मुखर और अनैतिक है। अपनी इसी बोल्डनेस के कारण फ़िल्म सेंसर बोर्ड के निशाने पर रही।

वाटर:– ऐसी भारतीय फिल्म जो विधवाओं के जीवन में झांकने का प्रयास करती है। विधवाओं से द्वेष भावना और समाज में उनके दयनीय हालत को बयां करती ये फ़िल्म भी सेंसर बोर्ड के निशाने पर रही है।

फ़िराक़:– इस फ़िल्म में गुजरात में हुए दंगों को केंद्र में रखा गया था। फ़िल्म में हिंदू-मुस्लिम साम्प्रदायिक दंगों को दिखाया गया था। फ़िल्म को काफी अच्छे रिव्यू मिले थे लेकिन फिल्म पर सेंसर लगाया गया था।

फायर:– दीपा मेहता द्वारा निर्देशित ये फ़िल्म लेस्बियन रिलेशनशिप पर आधारित थी। दो सिस्टर इन लॉज़ के बीच के सम्बन्धों को उजागर करती है। अपने इस बोल्ड कंटेंट को लेकर यह सेंसर बोर्ड की नजरों में रही।

सिंस:– केरल के एक कैथोलिक प्रीस्ट की जिन्दगी को उजागर करती इस फ़िल्म को सेंसर बोर्ड और कैथोलिक समाज दोनों का विरोध झेलना पड़ा। यह फ़िल्म प्रीस्ट जिसका एक महिला के साथ शरीरिक सम्बन्ध है उसके जीवन को दर्शाती है।

अनफ्रीडम:- यह फ़िल्म भी दो महिलाओं के रिश्ते को इस्लामिक आतंकवाद के नजरिए से देखने की कोशिश करती है। ये फ़िल्म सेंसर बोर्ड के लिए दो धारी तलवार जैसी थी इसलिए इसे भी सेंसर का सामना करना पड़ा।

गन्दू:– गन्दू एक ब्लैक एंड व्हाइट ‘रैप म्यूजिकल’ फ़िल्म थी। अपने बोल्ड सेक्स सीन ओर ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर यह फ़िल्म सेंसर बोर्ड का निशाना बनी।