प्रेगनेंसी के अलावा अन्य कारणों से भी पीरियड्स या मासिक धर्म में देरी हो सकती है, जाने कारण

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other reasons for late periords apart from pregnancy
Photo Credit: netdoctor.cdnds.net

आपका पता है आप प्रेगनेंट नहीं हो फिर भी लेट पीरियड्स या मासिक धर्म के कारण चिंतित हो? प्रेगनेंसी के अलावा मासिक धर्म में चूक या देरी होने के बहुत सारे दूसरे कारण भी होते है। हार्मोनल असंतुलन से ले कर गंभीर चिकित्सा की स्थिति, इसके सामान्य कारणों में हो सकते है और वैसे भी महिला के जीवन के दो समय ऐसे होते है जब मासिक धर्म या पीरियड्स अनियमित होता है और यह बिलकुल सामान्य बात है और वो दो समय होते है : जब यह शुरू होता है और दूसरा जब मेनोपॉज की शुरुवात होती है ।

महिलाएं में मुख्यत 10 साल से ले कर 15 साल की उम्र में मासिक धर्म या पीरियड्स की शुरुवात होती है और इसके शुरू के पहले दो सालो में आपका होर्मोनेस अभी भी खुद को एडजस्ट करने में लगा होता है और यह भी पीरियड्स के चूकने या लेट होने का कारण हो सकता है और ठीक उसी तरह मेनोपॉज 45 साल से ले कर 55 साल की उम्र में शुरू होता है और क्योंकि आपका शरीर एक बदलाव के दौर से गुजर रहा होता है और यह भी पीरियड्स या मासिक धर्म के अनियमित होने के कारण हो सकते है।

एक स्वस्थ मासिक धर्म चक्र हर 21 से 35 दिनों तक का होता है और अगर आपका पीरियड्स इनके आगे या पीछे के दिनों में होता है या नहीं होता है तो इसके कारण इनमे से कोई एक या एक से ज्यादा हो सकते है।

1) तनाव

तनाव आपके हार्मोन को प्रभावित करके आपकी दैनिक दिनचर्या को बदल सकता है और यहां तक ​​कि आपके मस्तिष्क का हिस्सा जो आपके पीरियड्स या मासिक धर्म के नियमित होने के लिए जिम्मेदार होता है , उसे भी प्रभावित कर सकता है और जिसके कारण आपका पीरियड्स या मासिक धर्म या तो चूक जाता है या लेट हो जाता है इसलिए यह बहुत जरुरी है कि आप तनाव से दूर रहे, तनाव होने की स्थिति में तनाव दूर करके वाले एक्सरसाइज और योग करें । मस्तिष्क का के इस हिस्से का नाम हाइपोथेलेमस है।

2) बॉडी मास इंडेक्स

महिलायें , जिन्हें अनियमित या अनियंत्रित या ना खाने का विकार होता है, जैसे की एनोरेक्सिया या बुलिमिया, उनमे पीरियड्स या मासिक धर्म के चुकने की परेशानी ज्यादा होती है इसलिए यह जरुरी है कि आपकी वजन और लम्बाई का अनुपात , बीएमआई(बॉडी मास इंडेक्स), सही हो और यदि आपका बीएमआई 18-19 से कम है तो यह आपके शरीर के काम करने के तरीके को बदल सकता है और फलस्वरूप डिंबोत्सर्जन (ovulation) की प्रक्रिया रुक सकती है इसलिए अपने खाने के विकार का इलाज़ करवा कर स्वस्थ्य तरीके से वजन को बढ़ा कर आप अपने पीरियड्स या मासिक धर्म को नियमित कर सकती है।

3) थायरॉयड से सम्बंधित परेशानी

अतिसंक्रिय या कम सक्रीय थायरॉयड ग्लैंड होने के स्थिति में भी पीरियड्स या मासिक धर्म के चूकने या लेट होने की सम्भावना होती है। थायरॉयड हमारे शरीर के मेटॉबॉलिजम नियंत्रित करता है और इसके अनियंत्रित होने से शरीर के होर्मोनेस के स्तर पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है ।

4) Obesity

जिस तरह कम वजन होने से पीरियड्स या मासिक धर्म में परेशानी हो सकती है ठीक उसी तरह मोटापे से भी पीरियड्स या मासिक धर्म के चूकने या देर होने की सम्भावना बन जाती है इसलिए अपने डाइट पर कण्ट्रोल करें और अपने वजन को कम करके पीरियड्स या मासिक धर्म को नियमित करें।

5) पॉलीसिस्टिक ओवरी सिम्पटम(PCOS)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिम्पटम एक ऐसी कंडीशन है जिसमे महिला के शरीर में पुरुष हॉर्मोन, एण्ड्रोजन, का निर्माण बहुत अधिक स्तर पर होने लगता है और हॉर्मोन असंतुलन के कारण गर्भाशय में गॉठ या अल्सर बन जाती हैं और इस वजह से पीरियड्स या मासिक धर्म में या तो देरी आनी शुरू हो जाती है या वो रुक जाती है ।

6) गर्भनिरोधक गोलियाँ

जब आप प्रेगनेंसी से बचने के लिए आप गर्भनिरोधक गोलियाँ का सेवन शुरू और बंद करती है तब आप अपने पीरियड या मासिक धर्म चक्र में परिवर्तन का अनुभव हो सकता है क्योंकि गर्भनिरोधक गोलियां में हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोगेस्तिन पाए जाते है जो अंडाशय को अंडे रिलीज़ करने से रोकता है।
गर्भनिरोधक गोलियाँ का सेवन रोकने के बाद पीरियड्स या मासिक धर्म के सामान्य होने में कम से कम छह महीने लगते है ।