क्या है हाँथ धोने का सही तरीका और कब हमे हाँथ धोना चाहिए

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How to Wash your hand
Photo Credit : Youtube

लाइफबॉय साबुन का Ad याद है जिसमे एक मासूम सा बच्चा बड़ी मासूमियत से कहता है कि मेरी माँ कहती है कम से कम हमे एक मिनट तक अपने हाँथ धोने चाहिए नहीं तो कीटाणु नहीं मरते। उस Ad में चीज़ो को थोड़ा बड़ा चढ़ा कर बोला गया मगर अगर एक्सपर्ट्स की बात माने तो हमे कम से कम 20 सेकंड से 30 सेकंड तक हाँथ धोने चाहिए मगर बहुत सारे सर्वे और अध्ययनों से पता चलता है कि अधिकांश लोग सिर्फ छह सेकेंड ही हाथ धोते हैं। अगर आप अच्छे से हाँथ नहीं धोते है तो कीटाणु और जीवाणु पूरी तरह से नष्ट नहीं होते और हमे कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा बना रहता है।

हाँथ धोने का सही तरीका।

सामान्यतः हाँथ धोने के लिए साबुन और पानी सबसे अच्छे साधन माने जाते है. हाँथ धोने के लिए इन तरीको का इस्तेमाल करें :

  • बहते ठन्डे या गर्म पानी से अपने हाँथ को गिला करें।
  • अब अपने हाँथो में पाउडर, बार या लिक्विड साबुन को लगाए।
  • तब तक दोनों हाँथो को मलते रहे जब तक अच्छे से जाग ना बन जाए।
  • अपने हाँथो को अच्छी तरह से कम से कम 20 से 30 सेकंड तक मलते रहे। आप अपने हाँथो के हरेक जगह, चाहे वो हाँथ के पीछे का
    हिस्सा हो या कलाइयां या उँगलियों के बीच का हिस्सा या नाखुनो के नीचे , को अच्छी तरह से मले।
  • अच्छे से साफ़ करें
  • अपने हांथो को सूखे और साफ़ तोलिये या एयर ड्रायर से सुखाये।
  • और यही संभव तो या तो तोलिये या अपनी कोहनी से एयर ड्रायर को ऑफ करें।

ट्रायकलोजन युक्त जीवाणुरोधी साबुन नियमित रूप से इस्तेमाल की जाने वाली साबुन की तुलना में कीटाणुओं को मारने में अधिक प्रभावी नहीं हैं और जीवाणुरोधी साबुन के लगातार इस्तेमाल से ऐसे कीटाणु का निर्माण हो सकता है जो साबुन में मौजूद रोगाणुरोधी घटक से लड़ने में सक्षम हो जाए और जिसके कारण भविष्य में इन्हे मारना बहुत मुश्किल हो सकता है और 2016 में Food and Drug Administration(FDA) ने एक आर्डर पास जिसके तहत वैसा कोई भी एंटीसेप्टिक धोने वाला प्रोडक्ट जिसमे ट्रायकलोजन और ट्रीक्लोकार्बोन जीवाणुरोधी तत्व होंगे अब उनको उपभोक्ताओं को अब नहीं बेचा जा सकता है।

हमे हाँथ कब धोना चाहिए।

जब आप पूरे दिन लोगों, सतहों और वस्तुओं को छूते हैं, तो आप अपने हाथों पर कीटाणुओं को जमा करते जाते है और जब इसी हाँथ से आप अपने आँख, मुँह या मुँह को टच करते हो तो आप खुद को संक्रमित कर सकता हो।

यद्यपि आपके हाथों को कीटाणुओं या जीवाणुओं से मुक्त रखना असंभव है, अपने हाथों को धोने से अक्सर धो कर बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगाणुओं के हस्तांतरण(transfer) को सीमित भी कर सकते है और खुद को संक्रमित होने से भी बचा सकते है।

हमेशा अपने हाथों को पहले धो लें:

  • खाना खाने या बनाने से पहले।
  • किसी बीमार या घायल इंसान के घावों का इलाज करने या दवा देने या देखभाल करने से पहले।
  • कांटेक्ट लेंस लगाने या हटाने से पहले।

हमे किन कामो के बाद जरूर हाँथ धोना चाहिए :

  • खाना बनाने के बाद और अगर मीट बना रहे हो ।
  • टॉयलेट करने या डायपर बदलने के बाद।
  • जानवर या जानवर के खिलौने या उनके लीज़ या कचरा को चुने के बाद।
  • खांसी या छींक या अपने नाक साफ़ करने के बाद।
  • घावों का इलाज करने या बीमार या घायल व्यक्ति की देखभाल करने के बाद।
  • घर का कचरा साफ़ करने के बाद।
  • दुसरो के साथ हाँथ मिलाने के बाद।
  • और जब आपके हाँथ गंदे दिखे।