दर्द निवारक दवा आइबूप्रोफेन से ज्यादा कारगर प्राकृतिक और घरेलू विकल्प

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Natural and Effective Alternatives to Ibuprofen
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आइबूप्रोफेन एक सूजन विरोधी और गैर – स्टेरायडल दवाई जो सर दर्द , मासिक धर्म के दर्द , दांत का दर्द और गठिया के दर्द को कम करने का काम करता है | यह सूजन के विरुद्ध एक प्रतिक्रिया के रूप में विशेष पदार्थों के शरीर के उत्पादन को रोक देता है जिसके कारण दर्द, सूजन और बुखार कम हो जाता है|

आइबूप्रोफेन जरुर एक सूजन विरोधी और गैर – स्टेरायडल दवाई है मगर अक्सर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मौतों से जुड़ा हुआ है| हार्ट अटैक होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है अगर पेशेंट आइबूप्रोफेन का इस्तेमाल लम्बे समय से कर रहा हो और साथ ही साथ गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभाव जैसे उच्च रक्त चाप (high blood pressure), डीएनए के संरचना में क्षति, गर्भपात, सुनने की शक्ति खोना इत्यादि इत्यादि है मगर अच्छी बात यह है कि इबुप्रोफेन के विकल्प के रूप में बहुत सारी चीज़े है जो नुक्सानदेह एक दम नहीं है और हर समय जब भी दर्द हो आइबूप्रोफेन लेने की जरुरत नहीं है|

1. गर्मी और बर्फ

अगर आप अभी तुरंत चोट लगी है तो चोट लगे जगह पर आइसपैक लगाये | बर्फ दर्द को सुन्न कर देगा और चोट लगे जगह पर सूजन भी नहीं होने देगा | सूजन को रोक कर इलाज़ में तेज़ी लायी जा सकती है और अब चोट लगे जगह को गर्म चीज़ से सेकें और इस सेकाइए से जोड़ों और मांसपेशियों में जकड़न के उपचार में कारगर मदद मिलती है|गर्मी चोट लगे एरिया में परिसंचरण(circulation) को बढाता है और इस बढे हुए परिसंचरण का मतलब है अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के परिसंचरण में भी इजाफा और इसके कारण ठीक होने की प्रक्रिया में तेज़ी आती है |

2. भौतिक चिकित्सा (Physiotherapy)

जब आपको दर्द का अनुभव मांसपेशियों की ऐठन और जोड़ो में चोट के कारण हो रहा हो तब Physiotherapy के साथ इलाज किया जा सकता है | जब मांसपेशियों को उतेजित किया जाता है , उस क्षेत्र में परिसंचरण(circulation) भी बढ़ जाता है| अलग अलग तरह के मांसपेशियों के व्यायाम से भी दर्द में रहत मिलती है | Physiotherapy सूजन, जोड़ो का दर्द और उनके ऐठन में रहत देता है|

3. अदरक

इस जड़ी बूटी में ऐंठन को राहत देने और परिसंचरण में सुधार करने की क्षमता होती है और परिसंचरण (circulation) में सुधर होने के कारण सूजन में तेज़ी से रहत मिलती है | अदरक में रसौली(tumor) को छोटा करने का गुण होता है इसलिए यह कैंसर की वजह से सूजन को कम करने में मदद करता है| अदरक सदियों से मासिक धर्म से होने वाले दर्द को कम करने के लिए इस्तेमाल होता रहा है और अगर आप जोड़ो की दर्द से परेशान है तब भी अदरक बहुत मददगार साबित होता है क्यूंकि यह रक्त के बहाव में भी मदद करता है |

4. कर्कुमिन(Curcumin)

हल्दी में एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट , एंटीफंगल और सूजन विरोधी गुण होता है और कर्कुमिन (Curcumin) हल्दी में पाए जाना वाला एक सक्रीय तत्व है और इसमें दर्द से लड़ने की क्षमता होने के साथ साथ दुसरे चिकित्सा गुण भी होते है और कैंसर से लड़ने की अदभुत क्षमता होती है| कर्कुमिन (Curcumin) शक्तिशाली दर्द निवारक दवा के रूप में भी काम करता है और यह सूजन करने वाले प्रोटीन के निर्माण में स्र्कावट बनता है
और दिमाग को दर्द का संदेश भेजने वाले न्यूरोट्रांसमीटर पदार्थ P को भी रोक देता है और अध्ययन से पता चला है कि संधिशोथ ( rheumatoid arthritis ) के पुराने दर्द में भी आराम दिलाता है |

5. बोसवेलिया(Boswellia)

बोसवेलिया जिसका उपयोग सदियों से आयुर्वेदिक दवाई के रूप में होता रहा है , बोसवेल सेर्रता (Boswell Serrata) पेड़ से मिलता है और इसे इंडियन फ्रंकिंसन्स(Indian frankincense) भी कहते है | परंपरागत रूप से इसका इस्तेमाल रेसिन(राल) प्रारूप में पुराने(chronic) सूजन को ठीक करने में होता है और वो है

  • ओस्टो आर्थराइटिस
  • र्हेमतोइड आर्थराइटिस
  • आंत्र सूजन रोग
  • अस्थमा

बोसवेलिया गठिया के लक्षण में मदद कर पाता है क्यूंकि इसमें बोस्वेल्लिक एसिड होता है जो जोड़ो में रक्त के बहाव को सुधारता है और स्वेत रक्त कणों के प्रवेश को रोकता है जो सूजन और दर्द के जिम्मेवार होते है |