सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को मराठी में गाली दिया , जाने कारण

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Sachin Tendulkar Abused Waqar
Photo Credit: Youtube

सचिन तेंदुलकर का नाम दिमाग में आते है एक शांत और सौम्य इंसान की चाबी दिमाग में आती है जो हरेक बात को या थो हँस कर ताल देगा या बिना कोई रोष दिखाए चुपचाप सुन लेगा मगर पलट कर कभी गलत बात नहीं करेगा और ना किसी अपशब्दों का प्रयोग करेगा क्यूंकि तेंदुलकर कभी भी खुद को भावनाओ में नहीं बहते। लेकिन सचिन तेंदुलकर अपने करियर की शुरुआत में थोड़ी अलग थे और जब बात ज्यादा बढ़ जाती थी तो वह रोष भी दिखा देते थे।

सचिन के गर्म मिजाज से जुड़ा एक वाकया नवजोत सिंह सिद्धू ने साझा किया और जिसमे तेंदुलकर ने अपने विपक्षी खिलाडी के प्रति मराठी में शायद अपशब्दों का प्रयोग किया है। सिद्धू के अनुशार 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ इंडिया का सियालकोट टेस्ट मैच के पांचवें दिन में टीम इंडिया का स्कोर 22/4 हो गया था। इमरान खान के आर्डर के अनुशार पिच में हरे घांस को छोड़ देने के कारण पिच में गजब का पेस था और तेज़ गेंदबाजों, खासकर वक़ार को पिच से बहुत मदद मिल रही थी।

रवि शास्त्री और नवजोत सिंह सिद्धू बल्लेबाजी कर रहे थे और नवजोत सिंह सिद्धू, खुद को इस तेज़ पिच पर बहुत घबरा रहे थे और खुद को बहुत ही ज़्यादा असहज महसूस कर रहे थे। इसी बीच टीम इंडिया ने अपना अगला विकेट गंवा दिया और रवि शास्त्री भी चलते बने और अगले बल्लेबाज के रूप में सचिन तेंदुलकर मैदान पर आए। वकार युनुस की पहली गेंद पर वह बुरी तरह से बीट हुए और सिद्धू ने सोचा कि अब ये भी ज्यादा देर तक नहीं टिकेगा। लेकिन सचिन कुछ करने की चाहत के साथ मैदान पर उतरे थे। सचिन ने अगली गेंद जो बाउंसर थी उसपर हुक लगाने की कोशिश की लेकिन गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और उनके नाक पर वह गेंद लगी।

इस गेंद के लगने के बाद सचिन किसी सूखे पत्ते की तरह मैदान पर लुढ़क गए। उनकी नाक से बेतरतीब खून बह रहा था। इसे देखकर सिद्धू को लगा कि आज सचिन नहीं बचेंगे। इसलिए उन्हें मैदान से बाहर ले जाने के लिए स्ट्रेचर लाया गया। लेकिन इसी बीच सचिन उठ बैठे और कहा, ‘मैं खेलेगा।’ इसके बाद उन्होंने पहली ही गेंद पर स्ट्रेट का चौका जड़ दिया। इसके बाद वकार उनके पास गए और उन्हें घूरा। सचिन ने भी वकार को घूरा और गुस्से में आकर उनके पास जाकर कहा, “बटर- बटर तूजा आइसा घो“। यह असल में मराठी में गाली होती है और सचिन के इस जवाब के बाद वकार ने फिर से उन्हें नहीं घूरा। सचिन ने इस मैच में अर्धशतक जमाया था।

सचिन के इस जज्बे और देशभक्ति को देख कर सिद्धू मानो सोते से जाग गए हो और जो अभी तक वो चाह रहे थे कि वो जल्दी आउट हो कर पवेलियन वापस चले जाते मगर तेंदुलकर को देख कर उनके अंदर का बल्लेबाज जाग गया और उन्होंने 97 रन इस पारी में बनाये।