भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी नीले रंग की क्यों है ?

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Team India- Men in Blue
Photo Credit: Nike Media

सीमित ओवरों की क्रिकेट में रंगीन यूनिफॉर्म का चलन 30 से ज़्यादा समय से हो चूका है और भारतीय टीम नीली रंग की जर्सी पहन कर कई बड़ी बड़ी टूर्नामेंटों में जीत हासिल की है । देखने वाली बात यह है कि टीम इंडिया की जर्सी में नीले कलर का सम्बन्ध हमेशा से रहा है और शायद इसी कारन से टीम इंडिया को ‘मैन इन ब्लू’ के नाम से भी जाना जाता है ?

भारतीय टीम क्रिकेट मैदान पर नीले रंग की ही जर्सी पहनकर उतरती है और टीम इंडिया की जर्सी में ब्लू कलर को ही तवज्जो क्यों दिया जाता है? 1970 के समय शुरू हुई वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट के साथ रंगीन ड्रेसों का चलन शुरू हुआ और यह केवल इसी टूर्नामेंट के साथ ही दिखाई पड़ा और आधिकारिक तौर से 1978 1978 वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में रंगीन ड्रेस का दौर शुरू हुआ

Team India- Women in Blue
Photo Credit: Twitter

अगर इंडिया क्रिकेट टीम के इतिहास के पन्नों को खंगाले तो इसके तार 1970 के दशक में शुरू हुई वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट से जुड़े दिखाई देते हैं। बहरहाल, इस दौरान टीमें विशेषरूप से इसी टूर्नामेंट में ही रंगीन ड्रेसों में नजर आईं और रंगीन ड्रेस पहनने का सिलसिला भी 1978 वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरू हुआ और टीम इंडिया 1980 के दौरान चमकीले नीले(लाइट ब्लू) रंग को अपने प्राइमरी रंग व पीले रंग को सेकंडरी रंग के रूप में चुना और बहुत सालो तक भारतीय टीम ने लगातार इसी रंग को अपनी ड्रेस में तरजीह दी।

बहरहाल, हम भारतीय टीम के ड्रेस को गौर से देखे तो हर ड्रेस में नीला रंग का सम्बन्ध रहा है वही पीले रंग का भी भारतीय टीम की जर्सी के साथ 2008 तक सम्बन्ध रहा । यहां तक की 1999 विश्व कप में भी भारतीय टीम की यूनिफॉर्म में नीले रंग के साथ सेकंडरी कलर के रूप में पीले रंग का ही इस्तेमाल किया गया था।

1990 के ही दशक में प्राइमरी कलर के रूप में नीले और सेकंडरी कलर के रूप में पीले रंग के साथ ट्राई कलर(तिरंगे के रंगों) को बदलने के कई प्रयोग किए गए। साल 2000 के बाद पीला रंग जर्सी में लिखे इंडिया नाम तक ही सीमित रह गया और 2007- 08 के बाद से पीला रंग भारतीय टीम की जर्सी से पूरी तरह से गायब हो गया।

अगर हम धयान से देखे तो नीले कलर का सम्बन्ध हमारे झंडे के कलर से हो सकता है। केसरिया कलर को हमेशा एक राजनीतिक पार्टी के साथ जोड़ा जाता है और सफ़ेद कलर का विसुअल इम्पैक्ट बहुत ही कम है और हरा रंग पाकिस्तान पहले से इस्तेमाल कर रहा है तो अंत में बचा ब्लू कलर जो हमारे अशोक चक्र का भी कलर है।